- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- 13 साल बाद बने दुर्लभ संयोग में उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; शनि मंदिर में स्नान के बाद कर रहे दान-पुण्य
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
बिजली चोर:एक और कारनामा, लोगों को पता भी नहीं और कंपनी ने बना दिया बिजली चोर
- पीड़ित उपभोक्ता बोले- हमारे यहां तो छह माह पहले केवल बिजली के मीटर बदले गए, उसके बाद बिजली चोरी का केस बना दिया गया
-
बिजली कंपनी के पश्चिम शहर संभाग पुराने शहर और पूर्व शहर संभाग फ्रीगंज और आसपास के एक दर्जन परिवारों को पता भी नहीं और बिजली कंपनी ने उन्हें बिजली चोर बना दिया। उन्हें नोटिस मिले तो पता चला कि उनके खिलाफ बिजली चोरी का केस बन गया है, क्योंकि बिजली चोरी का न तो पंचनामा बना और न संबंधित उपभोक्ता को पूर्व में इस बारे में बताया गया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके यहां के मीटर छह माह पहले बदले गए थे।
नए मीटर में आ रही रीडिंग के तहत लोग बिल की राशि जोन पर जमा करते रहे। बावजूद इसके उनके कब बिजली चोरी का केस बना दिए, उन्हें नहीं पता। बिजली चोरी का केस बनाते तो उसकी प्रक्रिया पूरी की जाती, बिजली कंपनी की ओर से हाल ही में नोटिस जारी किए गए, जिसमें बिजली चोरी के केस का उल्लेख होने के साथ में बिल की राशि जमा करने का फरमान था। बिजली कंपनी के अधिकारियों का तर्क है कि बिजली चोरी का मामला पकड़ में आने के बाद ही बिजली चोरी का केस बनाया गया है और नोटिस जारी किए गए हैं। विजिलेंस और जोन स्तर पर गठित टीमें मीटर बायपास या सीधे पोल से तार डालकर बिजली चोरी पाए जाने पर ही बिजली चोरी के केस बनाती है।
बिजली चोरी पकड़ी होगी तब ही तो केस बना
बिजली चोरी का मामला पकड़ में आया होगा, तब ही तो बिजली चोरी का केस बना है और नोटिस जारी किए गए हैं। विजिलेंस और जोन स्तर पर गठित टीमें जांच कर बिजली चोरी के केस बनाती है।
-राजेश हारोड़, कार्यपालन यंत्री, बिजली कंपनी